सरकार द्वारा पेश आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया, भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर FY22 में सातवीं सबसे बड़ी एक्सपोर्ट कैटेगरी से बढ़कर FY25 तक तीसरी सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ने वाली कैटेगरी बन गया है.
FY26 की पहली छमाही में इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट 22.2 बिलियन तक पहुंचने के साथ यह सेक्टर अब भारत का दूसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्ट बनने की राह पर है. इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में यह उछाल घरेलू उत्पादन और एक्सपोर्ट में तेजी से बढ़ोतरी के कारण आया है, जिसकी अगुवाई मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग ने की है. इसका प्रोडक्शन कॉस्ट FY15 में 18000 करोड़ रुपये से बढ़कर FY25 में 5.45 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो लगभग 30 गुना ज्यादा है.
वित्त मंत्रालय की तरफ से पेश हुए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में कहा गया है कि सरकार को उम्मीद है कि मजबूत मैक्रो फंडामेंटल और कई रेगुलेटरी सुधारों के समर्थन से वित्त वर्ष 27 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.8 परसेंट-7.2 परसेंट की दर से बढ़ेगी. इसमें अमेरिका के लगाए गए टैरिफ से वैश्विक अर्थव्यवस्था में पैदा हुए तनाव के माहौल को संभालने के लिए एक रणनीतिक दृष्टिकोण के बारे में भी बताया गया है. आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी बताया गया कि सप्लाई की बेहतर स्थिति और GST रेट को तर्कसंगत बनाने के धीरे-धीरे होने वाले असर के कारण आने वाले साल में भी महंगाई कम रहने की संभावना है.

