चुनाव आयोग के लेटर पर बीजेपी की मुहर, कांग्रेस-CPM-TMC ने उठाए सवाल तो आई EC की सफाई

चुनाव आयोग के एक लेटर बीजेपी की मुहर मिलने के बाद विपक्ष ने ECI की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं. चुनाव आयोग ने इसे क्लेरिकल एरर बताते हुए कहा कि इसे तुरंत सुधार लिया गया.

पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में अगले कुछ ही दिनों में वोटिंग होनी है. इस बीच चुनाव आयोग का एक पुराना लेटर वायरल हो रहा है, जिस पर केरल बीजेपी की मुहर लगी हुई है, जिसके बाद देशभर में सियासी माहौल गरमा गया है. इस लेटर को सबसे पहले सीपीआईएम केरल ने शेयर कर निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा, उसके बाद पूरे विपक्ष ने ही चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए. विवाद बढ़ता देख अब चुनाव आयोग की ओर से इसको लेकर सफाई दी गई है.

सीपीआईएम ने सोशल मीडिया एक दस्तावेज शेयर किया था. उसमें 19 मार्च 2019 के चुनाव आयोग के लेटर के साथ लगे हलफनामे पर केरल बीजेपी की मुहर दिखाई दी. सीपीआईएम ने सवाल किया कि क्या अब चुनाव आयोग और बीजेपी एक ही पावर सेंटर से चल रहे हैं? वहीं कांग्रेस ने पूछा कि चुनाव आयोग के पास बीजेपी की मुहर कैसे पहुंची.

चुनाव आयोग ने मानी गलती

चुनाव आयोग ने कहा, ‘हमें यह जानकारी मिली है कि बीजेपी की मुहर लगी चुनाव आयोग की एक चिट्ठी कई मलयालम न्यूज चैनलों पर प्रसारित की जा रही है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) का कार्यालय स्पष्ट करता है कि यह केवल एक क्लेरिकल एरर थी, जिसे तुरंत पहचान कर सुधार लिया गया.’

TMC ने चुनाव आयोग को बीजेपी की ‘बी’ टीम बताया

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, ‘क्या अबकी बार, मोदी सरकार भी इसी तरह की क्लेरिकल एरर का परिणाम था?’ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कहा, ‘आधिकारिक तौर पर यह स्वीकृति मिल गई है कि चुनाव आयोग बीजेपी की B-टीम बन गई है.’ टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, ‘चुनाव आयोग ने पहले बीजेपी की मुहर लगे आधिकारिक पत्र जारी करने का साहस दिखाया था. ज्ञानेश कुमार से अनुरोध है कि वे उस बात को स्पष्ट करें जो हम सभी पहले से जानते हैं और आगे भी इसी तरह के पत्र जारी करें. लोकतंत्र जिंदाबाद.’

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘चुनाव आयोग की ओर से राजनीतिक दलों को भेजे गए पत्र पर चुनाव आयोग की मुहर के बजाय केरल बीजेपी की मुहर लगी थी. यह कोई गलती नहीं, बल्कि एक गंभीर संदेह का विषय है. इससे संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठते हैं. कांग्रेस ने पूछा, चुनाव आयोग के आधिकारिक संदेश पर किसी राजनीतिक दल की मुहर कैसे लगी? चुनाव आयोग बीजेपी के कठपुतली की तरह क्यों व्यवहार कर रहा है? क्या चुनाव आयोग भारत की जनता को इसका स्पष्टीकरण दे सकता है?’

एक अधिकारी को किया गया सस्पेंड

इस मामले में जारी स्पष्टीकरण के बाद, मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में इस मामले से जुड़े असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को जांच लंबित रहने तक सस्पेंड कर दिया गया है. केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कहा, ‘यह पूरी तरह एक क्लेरिकल एरर था. केरल बीजेपी ने हाल ही में एक पुरानी गाइडलाइन की कॉपी जमा की थी, जिस पर उनकी मुहर लगी थी. इसी कॉपी को गलती से अन्य पार्टियों को भेज दिया गया.’

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