भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा, मैं आज इस अवसर पर पार्टी के पूर्व के राष्ट्रीय अध्यक्षों का स्मरण करता हूं और उनका अभिवादन करता हूं. भाजपा के कार्यकर्ता कुछ नारों को जनसंघ के समय से गढ़ते थे- ‘राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे,’ ‘जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है’, ‘एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेगा.’ भाजपा के कार्यकर्ताओं ने वह समय देखा जब अयोध्या में राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त हुआ. जम्मू-कश्मीर की जनता ने धारा 370 से मुक्ति का दौर देखा… जब हम श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा लहराते देखते हैं तो गर्व की अनुभूति होती है. हमने वह दौर भी देखा है जब पाकिस्तान के झंडे लहरा रहे थे और दिल्ली की सरकार मौन बैठी थी… जब 370 की समाप्ति हुई तो कश्मीर की फिज़ा बदली है.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने के बाद नितिन नबीन ने अपने माता-पिता को याद करते हुए कहा कि जो मेरा व्यक्तित्व है उसमें उनका बहुत बड़ा योगदान है. उन्होंने आगे कहा, हम नेशन फर्स्ट की राजनीति करते हैं. राजनीति कोई पदभार नहीं उत्तरदायित्व है.

