पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर जारी घमासान के बीच सड़कों पर तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी का कार्यकर्ता भिड़ गए. इस दौरान मुर्शिदाबाद में पुलिस की गाड़ी पर पथराव भी किया गया. बीजेपी का आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें फॉर्म-7 जमा करने से रोक दिया, जिसके बाद विवाद हुआ. इस दौरान पुलिस के सामने बीजेपी कार्यकर्ता की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई और फॉर्म में आग लगा दी गई.
बंगाल में एसआईआर को लेकर अलग-अलग जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं. इस बीच सोमवार (19 जनवरी 2026) को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को पश्चिम बंगाल में ग्राम पंचायत भवनों, तालुका प्रखंड कार्यालयों और वार्ड कार्यालयों में तार्किक विसंगतियों की लिस्ट में शामिल लोगों के नाम प्रदर्शित करने का निर्देश दिया.
चीफ जस्टिस यूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर से प्रभावित होने की संभावना वाले लोगों को अपने दस्तावेज या आपत्तियां प्रस्तुत करने की अनुमति दी जाए. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि दस्तावेज और आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए कार्यालय पंचायत भवनों या ब्लॉक कार्यालयों के भीतर स्थापित किए जाएंगे.

