बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याएं थम नहीं रही हैं. 18 दिनों में छठी बार हिंदू की हत्या की गई है. सोमवार (5 जनवरी) की रात नरसिंगदी जिले के चारसिंदूर बाजार में एक किराना व्यापारी मणि चक्रवर्ती की हत्या कर दी गई. स्थानीय सूत्रों के अनुसार पलाश उपज़िला में अपनी दुकान पर बैठे चक्रवर्ती पर अज्ञात हमलावरों ने हमला किया. इस दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बची.
मणि चक्रवर्ती शिबपुर उपज़िला के निवासी थे. चारसिंदूर बाज़ार के व्यापारियों ने मणि को बेहद शांत स्वभाव का बताया, जिनका किसी से कोई विवाद नहीं था. बाज़ार में इस तरह हुई उनकी हत्या ने अल्पसंख्यकों में भय पैदा कर दिया है. कई व्यापारियों का कहना है कि अब वे बहुत डरे रहते हैं और दैनिक कार्यों को करने में भी असुरक्षित महसूस करते हैं. हिंदुओं ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है.
गोली मारकर हिंदू की हत्या
इससे पहले सोमवार शाम को जशोरे जिले में एक और हिंदू व्यक्ति की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. ये घटना मणिरामपुर उपजिला के वार्ड नंबर 17 के कोपलिया बाजार में शाम करीब 5:45 बजे हुई. मृतक 45 वर्षीय राणा प्रताप तुषार कांति बैरागी के बेटे थे और केशबपुर उपजिला के अरुआ गांव के निवासी थे.
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक अज्ञात हमलावरों ने राणा प्रताप पर उस समय गोलियां चलाईं जब वह बाजार में थे. उनकी मौके पर ही मौत हो गई. मनीरामपुर पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया. प्रभारी अधिकारी राजिउल्लाह खान ने बताया कि पुलिस घटनास्थल पर मौजूद है. हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.
चाकू से हमला कर हिंदू व्यापारी को लगाई आग
पिछले सप्ताह, कपड़ा कारखाने में काम करने वाले दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी, जबकि अमृत मंडल की भी इसी अशांति के संबंध में हत्या होने की खबर है. मयमनसिंह जिले में हुए एक हमले में बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

