मकर संक्रांति: दान करने से पुराने से पुराने दुख हो जाते है दूर

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मकर संक्रांति का पर्व हिन्दू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। इस पर्व का अपना एक अलग ही धार्मिक महत्त होता है। इस दिन नादियों में स्नान, पूजा पाठ और दान करने की परंपरा है। मकर संक्रांति पर किया गया दान सर्वश्रेष्ठ व अच्छा माना माना जाता है।

मकर संक्रांति के दिन किया गया दान जीवन के कई संकटों को दूर करता है। दान करने से जीवन में खुशहाली, समृद्धि और बीमारियों से मुक्ति मिलती है। इसलिए इस दिन देश भर में लोग गरीबों और जरूरतमंदों को दान देते हैं। मकर संक्रांति के दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं और सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने उनके घर पर आते हैं इस खगोलीय राशि परिर्वतन का ज्योतिष शास्त्र में बड़ा महत्व है। जिन लोगों की राशि में शनि नाराज चल रहे हैं या अशुभ फल प्रदान कर रहे हैं ऐसे व्यक्ति अगर इस दिन दान आदि के कार्य करते हैं तो उन्हें शनि परेशान नहीं करते हैं और अशुभ फले देना बंद कर देते हैं।

जिन व्यक्तिओं के जीवन में लंबे समय से परेशानियां बनी हुई हैं। मानसिक तनाव है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। परिवार के सदस्यों का सहयोग नहीं मिल रहा है, कोई बीमारी घेरे हुए है। गृह क्लेश शांत नहीं होता है ऐसी किसी भी स्थिति में मकर संक्रांति के दिन दान जरूर करना चाहिए। इससे जीवन में चल रही परेशानियों से निजात मिलती है।

तुला दान वे लोग करते हैं जो लंबे समय से परेशान चल रहे होते हैं। मेहनत करने के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है। कोई ऐसी परेशानी जो लंबे समय से बनी हुई ऐसे लोगों को मकर संक्रांति के दिन तुला दान करने की सलाह दी जाती है। इसका अर्थ होता है कि व्यक्ति अपने वजन के बराबर अनाज का दान करे। ऐसा करने से व्यक्ति की परेशानी उसके जीवन से कम होने लगती हैं।

मकर संक्रांति पर काली उड़द और चावल का दान भी सबसे अच्छा माना गया है। काली उड़द चावल के साथ दान करने से शनि की अशुभता जीवन में कम होती है। दान करते समय दोनों ही वस्तुओं का अनुपात बराबर होना चाहिए। जिन लोगों को अधिक परेशानी है वे दाल की मात्रा चावल से बढ़ा सकते हैं।

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